Wednesday, 18 October 2017

महिलाओं पर ‘यौन अपराधों’ को लेकर ‘दिल्ली’ पूरी दुनिया में पहले स्थान पर

देश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार ने कई नियम व कानून बनाए। लेकिन कहीं ना कहीं उन नियम कानून पर सवाल उठ ही जाता है। आए दिन किसी ना किसी के घर में महिलाओं को मारा पीटा जाता है। जिसके खिलाफ ना जाने कितनी महिलाएं शिकायत ही नहीं करती है। उनका कहना होता है कि वह उनके घर का मामला है। वहीं कई महिलाएं ऐसी होती है जो घर व बाहर सेक्सुअल असॉसल्ट की शिकार होती हैं। लेकिन वह इस मुद्दे पर आवाज नहीं उठाती हैं।
हाल ही में एक सर्वे हुआ जिसमें भारत की राजधानी दिल्ली में सबसे ज्यादा सेक्सुअल असॉल्ट के मामले सामने आएं हैं। वहीं दिल्ली के बाद ब्राजील के शहर साओ पाउलो में इस तरह के मामले देखने को मिले। इनता ही नहीं इस सर्वे में ये भी बताया गया कि मिस्र की राजधानी कायरो महिलाओं के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक शहर है। वहीं जापान का टोक्यो महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित।
बता दें कि यह सर्वे थॉम्सन रॉयर्टस फाउंडेशन के जरिए करवाया गया है। इस सर्वे में महिलाओं और उनसे जुड़े हुए मामलों पर 19 अलग-अलग देशों की स्थिति को समझा। जिसमें उन 19 देशों की महिलाओं की स्थिति के जो आकड़े सामने आए वो ज्यादा चौकाने वाले नहीं थे। वहीं भारत में संयुक्त राष्ट्र महिला की मुखिया रेबेका रीचमैन टैवर्स ने इस सर्वे पर कहा कि, भारत के लिए यह नतीजे ज्यादा चौकाने वाले नहीं है।
आपको बता दें कि इस सर्वे में 380 विशेषज्ञों से बात की गई थी। जिसमें सेक्सुअल हिंसा, महिलाओं के शोषण, स्वास्थ्य सेवाओं और उनके लिए आर्थिक विकल्प को लेकर सवाल पूछे गए थे। इन सब पर बात करने के बाद ही देशों में महिलाओं कि स्थिति पर सर्वे किया गया।
वहीं मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मिस्र की राजधानी कायरो को तीसरे नंबर पर रखा गया है क्योंकि सर्वे में इस देश को महिलाओं के लिए सबसे खतरनाक देश बताया गया है। वहीं दूसरे नंबर पर स्पेन के मेक्सिको और बांग्लादेश के ढाका को रखा गया है। दिल्ली और साओ पाउलो को पहले नंबर पर रखा गया है। क्योंकि यहां पर सेक्सुअल असॉल्ट के मामले ज्यादा देखे गए हैं।
महिलाओं पर बढ़ रहे यौन अपराधों को लेकर पुलिस के आकडें भी ज्यादा चौकाने वाले नहीं है। आकड़ों की माने तो दिल्ली में 2016 में 2155 रेप हुए, जो साल 2012 के मुकाबले 67 प्रतिशत बढ़े हैं। वहीं सरकारी आकड़ें देखे जाएं तो साओ पाउलो में इस साल जुलाई में 2,287 रेप के मामले दर्ज हुए जो पिछले साल के मुताबिक 2,868 थे। रेप के मामलों को लेकर इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड इकनॉमिक रिसर्च का कहना है कि रेप से जुड़े 10 प्रतिशत मालमे ही सामने आते हैं।

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