Monday, 6 November 2017

फिल्म पद्मावती को लेकर विरोध क्यों ? बीजेपी और राजपूत समुदाय ने की प्रतिबन्ध लगाने की मांग

प्रतिबन्ध लगाने की मांग फिल्म पद्मावती अभी रिलीज़ भी नहीं हुई और फिल्म को लेकर हो रहा है बड़ा विरोध |पद्मावती 1 दिसंबर को रिलीज़ होने वाली है इसके ट्रेलर को 4 करोड़ से ज्यादा बार देखा गया है |लोगो को ट्रेलर काफी पसंद आ रहा है और समीक्षको द्वारा काफी सराहा जा रहा है | नया गाना घूमर भी लोगो को भा रहा है |शाहिद कपूर और रणवीर सिंह का किरदार भी लोगो को खूब पसंद आ रहा है | इसके उलट राजपूत समाज के कुछ लोग इसका विरोध कर रहे है | गुजरात बीजेपी ने फिल्म रिलीज़ होने से पहले राजपूत समाज के प्रतिनिधियों को दिखाने की मांग की है | गुजरात चुनाव को देखते हुए बीजेपी ने फिल्म रिलीज़ टालने की मांग भी की है | आपको बता दू की गुजरात में 9 और 14 दिसंबर को वोटिंग होनी है | महाराष्ट्र के पर्यटन मंत्री जयकुमार तो फिल्म पर प्रतिबन्ध लगाने तक की बात कह रहे है | इसे आप नेताओ की मांग कहे या दोहरी राजनीति समझ से परे है | करणी सेना ( राजपूत समुदाय के लोग ) का कहना है कि संजय लीला भंसाली फिल्म के जरिये इतिहास के साथ छेड़छाड़ कर रहे है | जी हां मै उसी करणी सेना की बात कर रहा हु जिसने कुछ महीनो पहले राजस्थान में चल रही फिल्म की शूटिंग का विरोध किया था और संजय लीला भंसाली के साथ मारपीट की थी उसके बाद भंसाली ने मुंबई में ही फिल्म की अधूरी शूटिंग पूरी की | खैर अब फिल्म रिलीज़ होने वाली है तो मामला गर्माना बड़ी बात नहीं है | ऐसा पहले भी होता रहा है फिल्मो को लेकर होने वाले विरोध फिल्म निर्माताओ का फायदा ही कर रहे है क्योकि जिन फिल्मो का पिछले कुछ सालो में विरोध हुआ है उन फिल्मो का बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड काफी अच्छा रहा है | फिल्म बाजीराव मस्तानी की रिलीज़ से पहले भी भंसाली पर इतिहास के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप लगे थे |फिल्म के एक गाने का विरोध भी हुआ मगर इतने विरोध के बाद भी फिल्म की कमाई उम्मीद से ज्यादा रही और फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई | बीजेपी के साथ कांग्रेस भी कह रही है कि फिल्म को करणी सेना की अनुमति के बाद ही रिलीज़ किया जाए | बात यह है कि करणी सेना को रानी पद्मावती और अलाउद्दीन खिलजी के बीच सपने वाले दृश्य से ऐतराज है | करणी सेना का कहना है कि पद्मावती कभी भी अलाउद्दीन खिलजी से नहीं मिली थी |मुंबई में फिल्म पद्मावती की रिलीज़ से पहले रांगोली बनाकर प्रचार किया जा रहा था जिसे राजपूत समुदाय के लोगो ने मिटा दिया | क्या यह फिल्म सच में राजपूतो की भावनाओ को आहत कर सकती है ? या फिर इसे पब्लिसिटी पाने का मौका कहा जाए |यदि यह फिल्म सच में किसी समुदाय के लोगो को आहत कर रही है तो फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली को आगे आना चाहिए और इस विषय पर अपनी राय रखना चाहिए | फिल्म देखते वक्त लोगो को इतिहास की समझ नहीं होती इसलिए वो उस पर भरोसा कर लेते है जो दिखाया जा रहा है| उस फिल्म की कहानी के इतिहास के बारे में जानने की कोशिश भी नहीं करते चाहे कहानी काल्पनिक ही क्यों न हो | हमारी फिल्म इंडस्ट्री पिछले कुछ सालो में काफी बदली है | फिल्मो में अब हम नई तकनीक का इस्तेमाल करने भी लगे है और बाहुबली जैसी हजार करोड़ की कमाई करने वाली फिल्म भी बनाने लगे है लोगो का फिल्म देखने का नज़रिया बदला है | आज के दर्शक फिल्म को बिना रिव्यु पढ़े देखने नहीं जाते | फिल्म निर्देशक दर्शको को गलत नहीं दिखा सकते और लाखो दर्शको का भरोसा नहीं तोड़ सकते |भंसाली साहब और राजपूत समुदाय को इस पर चर्चा करना चाहिए और समस्या का हल निकालना चाहिए | वैसे भी आखिर में जीत फिल्म की ही होती है कारण है हम हमारी फिल्म इंडस्ट्री और कलाकारों से बहुत प्यार करते है #mjshajapur

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